जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मागे गाहेतव जय गाथा जन गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता जय हे जय हे जय हे जय जय जय जय हे
Archive for August, 2010
जन गण मन
Posted in Uncategorized on August 15, 2010 |
आराम करो
Posted in Uncategorized on August 1, 2010 |
एक मित्र मिले, बोले, “मित्र, तुम किस चक्की का खाते हो? इस डेढ़ छटांक के राशन में भी तोंद बढ़ाए जाते हो। क्या रक्खा माँस बढ़ाने में, मनहूस, अक्ल से काम करो। संक्रान्ति-काल की बेला है, मर मिटो, जगत में नाम करो।” हम बोले, “रहने दो लेक्चर, पुरुषों को मत बदनाम करो। इस दौड़-धूप में [...]
